यहाँ राशन कार्ड से पानी मिलता है

खबरें प्रशासन जगत से

कभी यहां टैंकर से पानी हासिल करने के लिए लड़ाई झगड़े हुआ करते थे जिनमें आम लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते थे.
बुलढाणा ज़िले में स्थित सभी बांध पानी की कमी से जूझ रहे हैं. सभी बड़े, मंझले और छोटे बांधों में से सत्तर फीसदी बांधों में पानी पूरी तरह ख़त्म हो चुका है.
लेकिन अब महाराष्ट्र के बुलढाणा ज़िले के चिंचोली गांव में राशन कार्ड के आधार पर हर परिवार को 200 लीटर पानी देना शुरू कर दिया है.
चिंचोली गांव में सुबह पांच बजे टैंकर पहुंचता है. इसके बाद यहां रहने वालीं महिलाये अपने सिर पर कई घड़े और कई बाल्टियां लेकर उस लाइन में लगती हैं.
गांव में रहने वाली एक महिला ने बताया की “अकाल की वजह से हमने अपने कुछ जानवरों को बेच दिया है. और कुछ जानवरों को अपने रिश्तेदारों के घरों में पहुंचा दिया है. हमारे गांव के सभी कुंए पूरी तरह से सूख चुके हैं. ऐसे में हमारे गांव में हर रोज़ दो टैंकर आते हैं और हम इन टैंकरों पर ही आश्रित हैं. कभी-कभी राशन कार्ड के आधार पर हमारा नंबर आने से पहले ही पानी ख़त्म हो जाता है.”
चिंचौली गांव की जनसंख्या 3650 है और इतने लोगों के लिए दो टैंकर पर्याप्त नहीं हैं. पानी का टैंकर गांव में साढ़े पांच बजे और 12 बजे दोपहर में आता है.
किसान दोपहर में अपने काम में व्यस्त रहते हैं. लेकिन उन्हें अपना काम छोड़कर टैंकर का इंतज़ार करना पड़ता है. गांववालों को भी टैंकर के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ता है क्योंकि टैंकर टाइम से नहीं आता है.

कभी-कभी तो ऐसा होता है कि उनका नंबर आने से पहले ही टैंकर का पानी ख़त्म हो जाता है और उन्हें बिना पानी के घर पहुंचना पड़ता है.

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