फाइनल में इंग्लैंड को जीत दिलाने वाले नियम की क्यों हुई आलोचना

स्पोर्ट

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी न्यूज़ीलैंड टीम ने आठ विकेट के नुक़सान पर 241 रन बनाए. इसके बाद इंग्लैंड ने भी पूरे 50 ओवरों में 241 रन ही बनाए. हालांकि आईसीसी विश्व कप 2019 का खिताब इंग्लैंड ने अपने नाम कर लिया है. मैच टाई होने पर सुपर ओवर में चला गया और उसमें भी दोनों टीमों के स्कोर बराबर हो गए. मगर ज़्यादा बाउंड्री लगाने के कारण कप इंग्लैंड की झोली में चला गया. इंग्लैंड पहली बार विश्व कप जीता है.

न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने कहा, “हम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करना चाहते थे. हमें लगा कि रन बनाना चुनौतीपूर्ण होगा. हम सोच रहे थे कि वर्ल्ड कप फ़ाइनल के लिए 240-250 रन काफ़ी होंगे. ये बेहतरीन खेल रहा. इसमें हमारे लिए कई सकारात्मक चीज़ें रहीं.”

पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने ट्वीट किया, “मैं उस नियम से सहमत नहीं हूं. लेकिन नियम तो नियम होते हैं. इंग्लैंड को आख़िरकार वर्ल्ड कप जीतने की बधाई. मेरी सहानुभूति कीवियों के साथ है, जो आख़िर तक लड़े. बढ़िया खेल.”

वहीं भारत के ही पूर्व क्रिकटर गौतम गंभीर ने कहा, “खेल के विजेता का फ़ैसला सबसे ज़्यादा बाउंड्री लगाने वाले के आधार पर हुआ. आईसीसी का ये बेतुका नियम है. टाई होना चाहिए था. मैं दोनों टीमों को बधाई दूंगा जिन्होंने बेहतरीन फ़ाइनल खेला. दोनों विजेता हैं.”

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