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वॉट्सऐप ने सरकार की एक मांग को छोड़कर सभी को दी हरी झंडी

आईटी मिनिस्ट्री की एक मांग को छोड़कर सभी मांगों को मान लिया है। वॉट्सऐप ने सरकार की एक मांग को मानने से इनकार किया है जिसमें यह कहा गया था कि वॉट्सऐप को अपने प्लेटफॉर्म पर एक ऐसा फीचर एड करना है जिसकी मदद से किसी भी मैसेज को जहां से सबसे पहले भेजा गया है उसका पता लगाया जा सके। वॉट्सऐप ने कहा है कि वो यूजर के डाटा को एक्सेस नहीं कर सकती है क्योंकि ये एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड होते हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो यूजर डाटा का बहुत छोटा सा हिस्सा ही अस्थायी रुप से कैशे किया जा सकता है। इससे यूजर्स इस डाटा का ऑफलाइन एक्सेस कर सकते हैं। लेकिन उनके सर्वर पर यूजर डाटा को स्टोर नहीं किया जाता है। डाटा सिर्फ यूजर की डिवाइस पर ही स्टोर किया जा सकता है।

वॉट्सऐप के 1.5 बिलियन एक्टिव यूजर्स हैं और भारत इसका सबसे बड़ा मार्केट हैं। कंपनी जल्द ही भारत में पेमेंट प्लेटफॉर्म समेत कई अन्य सर्विसेज लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। वॉट्सऐप पर फेक मैसेज को लेकर मोदी सरकार ने सख्त संदेश दिया है। मोदी सरकार ने कंपनी को भारत में काम करने के लिए कॉरपोरेट यूनिट बनाने और फेक मैसेज के ओरिजनल सोर्स का पता लगाने के लिए तकनीकी समाधान ढूंढने को कहा है। इस मामले को लेकर आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने वॉट्सऐप के प्रमुख क्रिस डेनियल्स से मुलाकात की। रविशंकर ने कहा कि वॉट्सऐप पर मॉब लिचिंग और फेक न्यूज को रोकने की सख्त जरुरत है। ऐसे में कंपनी को इस पर लगाम लगाने के लिए समाधान ढूंढना होगा।

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